वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मोहम्मद ताज हसन को नहीं बनाया गया दिल्ली पुलिस कमिश्नर ,अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षक का प्रमुख नियुक्त किया गया


 नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद ताज हसन को शनिवार को गृह मंत्रालय (एमएचए) के तहत अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षक का प्रमुख नियुक्त किया गया। यह पद उत्तर प्रदेश कैडर के 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहम्मद जावेद अख्तर के निधन के बाद से खाली थी, जिनका मई में कोविड -19 के कारण निधन हो गया था। वह खतरनाक वायरस का शिकार होने वाले पहले पुलिस प्रमुख बने थे।

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम, केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी ताज हसन को अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड के महानिदेशक के रूप में नियुक्त करने के एमएचए के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कार्मिक मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि उनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2023 को कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, उस तक है।
हसन वर्तमान में विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) के रूप में कार्यरत हैं। वह दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता भी रहे हैं।
हसन ने राष्ट्रीय राजधानी में एक विशेष आयुक्त (अपराध) के रूप में महत्वपूर्ण कार्य भी संभाला है। उन्होंने पहले दिल्ली पुलिस के यातायात विभाग के प्रमुख और अन्य महत्वपूर्ण पदों के साथ सुरक्षा इकाई के संयुक्त आयुक्त के रूप में कार्य किया था।
हसन ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में उप महानिदेशक के रूप में भी काम किया है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त की नियुक्ति में वरिष्ठता होने के बावजूद ताज हसन को पद ना देना चर्चा का विषय है।  खुद की अनदेखी से नाराज वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ताज हसन छुट्टी पर चले गए हैं! माना जा रहा था कि गृह मंत्रालय पुलिस आयुक्त की नियुक्ति का आदेश जारी करने से पहले ताज हसन का तबादला आदेश जारी करेगा। अपनी अनदेखी से आहत ताज हसन ने पुलिस आयुक्त के विदाई समारोह से भी किनारा कर लिया।

गौरतलब है कि सच्चिदानंद श्रीवास्तव के सेवानिवृत्त होने के बाद एजीएमयू काडर में 1987 बैच वरिष्ठता क्रम में सबसे ऊपर  मौजूद चार अधिकारियों में से केवल ताज हसन ही एकमात्र ऐसे अधिकारी हैं‚ जो दिल्ली पुलिस में ही विशेष आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। वरिष्ठता क्रम और प्रोटोकॉल का पैमाना कहता है कि सर्वोच्च पद पर नियुक्ति में वरिष्ठ अधिकारी की अनदेखी होने की स्थिति में उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया जाता है।

चर्चा यह भी थी कि ताज हसन को मिजोरम का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया जा सकता है। लेकिन वहां इस पद पर तैनात सुश्री भूषण कुमार सिंह केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बनाए गए तीन अधिकारियों के पैनल में शामिल होने के कारण अभी भी पुलिस आयुक्त की दौड़ में शामिल हैं‚ तो उनके तबादले को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। ऐसे में फिलहाल ताज हसन की पुलिस महानिदेशक पद पर नियुक्ति की अटकलों पर भी विराम लग गया।

उधर दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त की नियुक्ति में चल रही खींचतान के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वरिष्ठता के प्रोटोकॉल को नजरअंदाज कर दिया है। मंगलवार को 1977 बैच के अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव को कार्यवाहक पुलिस आयुक्त नियुक्त करने का आदेश तो जारी किया गया‚ लेकिन ताज हसन को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया।  ताज हसन ने मंगलवार को ही एक सप्ताह का अवकाश स्वीकृत करा लिया। वह बुधवार को सच्चिदानंद श्रीवास्तव के विदाई समारोह में भी शामिल नहीं हुए।

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