जनता पर महंगाई का जो बार किया है। उसका जवाब उत्तराखंड की जनता 2022 में अवश्य देगी - मुस्तकीम मंसूरी।

 लखनऊ 27 फरवरी ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के राष्ट्रीय महासचिव उत्तराखंड प्रभारी मुस्तकीम मंसूरी ने पार्टी की ओर से आज यहां जारी अपने एक बयान में कहा की मोदी सरकार का एक और जनविरोधी निर्णय देश की जनता पर थोपा गया है। जिसमें ब्लड की थैली पर 12.5 फ़ीसदी जीएसटी लगाया गया है। जिसका असर सीधा देश की गरीब जनता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा पहले एक यूनिट ब्लड जो ₹850 में मिलता था। अब मोदी सरकार के फैसले के बाद अब ब्लड 1250 रुपए में मिलेगा। मुस्तकीम मंसूरी ने कहा नरेंद्र मोदी को खून की बोतल पर जीएसटी लगाने के साथ-साथ एक शुभ कार्य और कर देना चाहिए। देश की जनता के शरीर में दौड़ रहे खून पर भी जीएसटी लगा देना चाहिए। उन्होंने कहा जिस तरह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता के साथ बर्ताव कर रहे हैं। ऐसा तो हिटलर ने भी नहीं किया था। उन्होंने कहा हां हिटलर ने एक काम जरूर किया था। कि उसने अपने जीवित रहते कुछ जगहों पर अपना नाम करण करवाया था। उसी तरह नरेंद्र मोदी ने भी गुजरात के अहमदाबाद स्टेडियम जिसका नाम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर था। उस स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी ने अपने नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम रखवा कर यह संकेत दे दिया है। कि वह भी भारत में हिटलर के पद चिन्हों पर चलने वाले प्रधानमंत्री जरूर बन गए हैं।

मुस्तकीम मंसूरी ने कहा जिस तरह नरेंद्र मोदी देश की जनता पर कमरतोड़ महंगाई का वार कर रहे हैं। ठीक उसी तरह भाजपा शासित राज्य उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी रोडवेज की बसों का किराया ₹15 बढ़ाकर उत्तराखंड की जनता पर महंगाई का जो बार किया है। उसका जवाब उत्तराखंड की जनता 2022 में अवश्य देगी।


मुस्तकीम मंसूरी ने कहा आखिर नरेंद्र मोदी देश को कहां ले जाना चाहते हैं। एक तरफ देश का अन्नदाता देश मैं किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री के अड़ियल रुख में जरा भी बदलाव नहीं आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पूंजीपति दोस्तों को एक के बाद एक सरकारी संस्थान बेच रहे हैं। जिसके कारण देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। यह स्थिति देश के लिए चिंताजनक है। और इससे कहीं अधिक चिंताजनक कमजोर विपक्ष की खामोशी है।

मुस्तकीम मंसूरी ने कहा यही भाजपा के लोग पूर्व सरकारों में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करते थे। तो सपा और बसपा के लोग भाजपा की सुर में सुर मिलाते हुए बड़े बड़े आंदोलन करते थे। परंतु आज स्थिति यह है। कि भाजपा की मनमानी के खिलाफ सपा और बसपा सुप्रीमो ने एक ही नीति अपना रखी है। की ट्विटर पर बयान दो और सरकार को मनमानी करने दो।

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