शहीदों की गौरव गाथा स्कूलों व काॅलेजों में अनिवार्य हो: देवेन्द्र


 शहीदों की गौरव गाथा स्कूलों व काॅलेजों में अनिवार्य हो: देवेन्द्र


-काकौरी कांड़ के अमर शहीदों को किया गया नमन


-शहीदों के परिजनों का किया जाना चाहिये आदर और सम्मान


बागपत। विवेक जैन


जनपद भर में शनिवार को काकौरी कांड़ के अमर शहीदों को याद किया गया। सभी ने उनके चित्र के सम्मुख पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।


इस मौक पर भाजपा वरिष्ठ नेता एवं प्रमुख समाज सेवी देवेन्द्र प्रमुख ने बताया कि काकौरी कांड़ को लगभग 20 क्रान्तिकारियों ने अंजाम दिया था। इसमें राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खां, रोशन सिंह, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को फांसी दे दी गई थी और चन्द्रशेखर आजाद ने खुद को गोली मार ली थी। ऐसे वीर शहीदों के बारे में हमें अपनी पीढ़ियों को बताना चाहिये और ऐसे शहीदों के परिजनों का आदर-सम्मान करना चाहिये। बताया कि इन वीर क्रान्तिकारियों ने देश की आजादी की लड़ाई के लिये हथियार खरीदने के उद्देश्य से अंग्रेजों द्वारा ट्रेन में ले जाये जा रहे पैसों को लूटा था। उनका सिर्फ एक ही मकसद था कि देश को आजाद कराये और आने वाली पीढ़ियों को गुलामी ना देखनी पड़े। कहा कि हमने आजाद देश में जन्म लिया है, इसके लिये हम वीर शहीदों के ऋणी है और उनका यह अहसान कभी नही भुला सकते। कहा कि हम शहीदों को नमन करते है, जिन्होंने देश के लिये अपने प्राणों की आहूति दी। उन्होने सरकार से मांग की कि शहीदों की गौरव गाथायें स्कूल-काॅलेजों में अनिवार्य विषय के रूप में हो, जिससे लोग उनके जीवन से प्रेरणा ले सके।

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