पत्रकार राजीव शर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय से मिली जमानत

नयी दिल्ली- दिल्ली उच्च न्यायालय ने चीनी जासूसी रैकेट मामले में गिरफ्तार पत्रकार राजीव शर्मा को शुक्रवार को जमानत दे दी।


दिल्ली पुलिस ने इस साल सितंबर में चीनी खुफिया एजेंसियों को संवेदनशील जानकारी देने के लिए सरकारी गोपनीयता कानून के तहत जासूसी के मामले में शर्मा को गिरफ्तार किया था। जिला अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद उन्होंने जमानत के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था

पुलिस ने आरोप लगाया है कि 61 वर्षीय स्वतंत्र पत्रकार 2016 से चीन के लिए जासूसी कर रहे हैं। वह एक प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) कार्डधारक है और उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से भारत और चीन के बारे में कई वीडियो भी पोस्ट किए हैं। आरोप है कि 2016 से अब तक संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए चीन ने शेल कंपनियों के माध्यम से उन्हें 45 से 50 लाख रुपये दिये है।

पुलिस का यह भी आरोप है कि सेना से संबंधित संवेदनशील जानकारी के दस्तावेज शर्मा को उपलब्ध कराये गये थे। इसके अलावा पुलिस किंग शिया और शेर सिंह की कंपनियों के माध्यम से उनके पास भेजे गए धन की भी जांच कर रही है।

दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को शर्मा को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की बांड पर जमानत दे दी।

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