ज़िला सम्मेलन में उठे मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों के बकाया मानदेय, सेवा नियमावली बनाने और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के भ्रष्टाचार के मामले।

 ज़िला सम्मेलन में उठे मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों के बकाया मानदेय, सेवा नियमावली बनाने और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के भ्रष्टाचार के मामले।





बिजनौर (उत्तर प्रदेश)(अनवार अहमद नूर)

बिजनौर में मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों के ज़िला सम्मेलन में आज जब मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद मलिक और मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ के सदस्य डॉक्टर इमरान अहमद पहुंचे तो पहले से इंतज़ार कर रहे सरकार की योजना के तहत तैनात किए गए आधुनिकीकरण मदरसा शिक्षकों की समस्याओं और उनके शैक्षिक जीवन का दुख दर्द ऐसा छलका की सभी की आंखें नम हो गईं। हालांकि मेहमानों का स्वागत ज़ोर शोर से और मदरसा छात्राओं के स्वागत गीत "आप आए तो महकने लगी यह फिज़ा'। मरहबा मरहबा मोहतरम मरहबा मरहबा।" के साथ किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता मास्टर अबरार अहमद एडवोकेट ने की। जबकि संचालन अफ़ज़ाल अहमद ने किया।


सम्मेलन में एक के बाद एक आधुनिकीकरण वाले मदरसा शिक्षकों ने जब अपने मानदेय और सन 1993 से चल रही आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसों में पढ़ाने के बावजूद अपनी दयनीय दशा और कई वर्षों के बकाया मानदेय न मिलने की बातें बयान कीं तो सभी उफ़! उफ़! कहने लगे और मुख्य अतिथि को कहना पड़ा कि आपके दुख को सही ढंग से भाजपा को समझाया नहीं जा सका। जिसके कारण बद अच्छा बदनाम बुरा वाली कहावत के शिकार मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक भी बन गये।

ज़िले के सभी शहरों और ब्लॉक से बड़ी संख्या में आए मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों में बड़ी संख्या महिला मदरसा शिक्षकों की भी रही। चांदपुर से मैडम कायनात ज़ैदी भी सम्मेलन में पहुंचीं। मैडम फ़रहाना मौजूद रहीं। स्योहारा ब्लाक से तनवीर अहमद चौधरी के नेतृत्व में दर्जनों मदरसा शिक्षक सम्मेलन में पहुंचे। मास्टर तैयबउज़्ज़मा, फरीद जमाल, नफीस अहमद, इफ्तिखार अहमद, मास्टर महिपाल सिंह, लोकेश कुमार, मौलाना नासिर, शौकीन अहमद,मास्टर उबैदउर रहमान स्योहारा, तनवीर चौधरी स्योहारा,मास्टर शाहनवाज़  मास्टर शमशेर धामपुर, मास्टर फ़ैज़ुल हक़, मोहम्मद वारिस, मोहम्मद इरफान झालू, मास्टर फहीमुद्दीन धामपुर, मास्टर तनवीर और शकील रज़ा, मास्टर आफ़ताब नजीबाबाद, मोहम्मद इरफान नूरपुर,अनवार अहमद नूर सहित अनेक मदरसा शिक्षकों ने अपने विचारों को प्रकट किया। ज़िला अध्यक्ष कमरुद्दीन अंसारी ने आधुनिकीकरण शिक्षकों की सभी समस्याओं को सिलसिलेवार रखा। और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े मुख्य अतिथियों से उनका समाधान कराने की अपील की।

मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों ने एक के बाद एक डाइस पर आकर बताया कि बार बार उनसे काग़ज़ात मांग कर और फार्मेट जमा करने के नाम पर शिक्षकों को बिजनौर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग कार्यालय बुलाकर उनसे रिश्वत की मांग की जाती है। तभी सरकार से आया पैसा शिक्षकों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है।

मास्टर मोहम्मद इरफान झालू ने पहले अंग्रेज़ी में और फ़िर हिंदी में अपनी बात कहते हुए साफ़ कहा कि वर्तमान में मदरसा शिक्षकों का हर तरह से शोषण किया जा रहा है। वर्षों से हर दिन नया नया बहाना खोज कर मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का उत्पीड़न करने वाला ज़िला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। 

मोहम्मद वारिस ने बताया कि वर्ष 1993 से चली आ रही इस मदरसा आधुनिकीकरण योजना में मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक बुरी तरह से पिस कर रह गए हैं और इधर से उधर फुटबाल की तरह लात खा रहे हैं। मदरसा शिक्षकों को टुकड़ों में बांट दिया गया है। लाट संख्याएं बना कर, तरह तरह से बातें बना कर और सरकारी कार्यों के नाम पर अल्पसंख्यक विभाग भ्रष्टाचार - रिश्वत खोरी का दफ्तर बन गया है।

मास्टर फहीमुद्दीन ने बीएसए से मान्य मदरसों को पोर्टल पर दर्ज करके लाक नहीं करने का मुद्दा उठाया तो मास्टर तनवीर ने लाट 1539 के शिक्षकों की समस्याओं को सामने रखा।

ज़िला अध्यक्ष कमरुद्दीन अंसारी ने अपनी मांगों को रखते हुए कहा कि मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की तुरंत सेवा नियमावली बने। इनका वर्षों का बकाया मानदेय मिले। मानदेय की धनराशि बढ़ाई जाए और प्रतिमाह समय से मिलना सुनिश्चित किया जाए। मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का मानसिक, आर्थिक, सामाजिक, शारीरिक, शोषण बंद किया जाए। शोषण और भ्रष्टाचार के स्रोत बंद किए जाएं।

अंत में मुख्य अतिथि भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद मलिक ने जब माइक संभाला तो अपनी बात को शेरो शायरी से शुरू करके कहा कि मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की योजना कांग्रेस और सपा की सरकारों में गड़बड़ा गई। मुसलमानों का सत्यानाश कांग्रेस ने किया। आज़म खां ने मुसलमानों को बेवकूफ बनाया। इस योजना के बारे में भाजपा को सही ढंग से समझाया नहीं जा सका। अब हम नए तरीके से काम करेंगे। उन्होंने सबके सामने वादा किया कि ज़िला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बिजनौर को मैं अच्छी तरह समझा दूंगा। आपकी सेवा नियमावली बनेगी और स्थाई करने पर भी ग़ौर किया जाएगा और वह मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की बात सरकार तक अवश्य पहुंचाएंगे।

सभी मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों ने तालियां बजाकर खुशी का इज़हार किया और एक बार फ़िर उम्मीद की किसी किरण के साथ अपने घरों - मदरसों को लौट गए। लेकिन हां जाते जाते मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ बिजनौर के ज़िला अध्यक्ष कमरुद्दीन अंसारी को मदरसा शिक्षकों की बात उठाने, प्रोग्राम करने, और मुख्य अतिथियों को बुलाकर मदरसा शिक्षकों का दुख दर्द, समस्याओं को सुनाने के लिए मुबारकबाद पेश कर गए। स्योहारा ब्लाक अध्यक्ष तनवीर चौधरी और अन्य शिक्षक साथियों ने एक प्रतीक चिह्न देकर ज़िला अध्यक्ष साहब के हौंसलों को अपना समर्थन दिया और मुबारकबाद पेश की।

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